
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा ✅ श्री बंशीधर नगर अनुमंडलीय अस्पताल श्री बंशीधर नगर में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला सामने आया है। खरौंधी थाना क्षेत्र के राजी चौरा गांव निवासी एक महिला द्वारा मृत नवजात को जन्म देने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात नर्सों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद कुछ देर तक अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, राजी चौरा गांव निवासी नमू पासवान ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय पत्नी नेहा कुमारी को शनिवार की रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ममता कुमारी और फूलकुमारी ने जांच के बाद प्रसव में अभी समय होने की बात कहते हुए महिला को टहलने की सलाह दी तथा सुबह चार से पांच बजे के बीच प्रसव होने की संभावना जताई।
परिजनों का आरोप है कि पूरी रात प्रसूता प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद न तो विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया गया और न ही समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया। रविवार सुबह प्रसव के दौरान महिला ने मृत नवजात को जन्म दिया, जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा।
नमू पासवान ने कहा कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता या बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में रेफर कर दिया जाता, तो संभव है कि नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनके परिवार को यह दुखद स्थिति झेलनी पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसी घटना न हो।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रसूता महिलाओं के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
वहीं, इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सुचित्रा कुमारी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अस्पताल प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।











